शनिवार, 18 फ़रवरी 2012

आज का प्रश्न-209question no-209

आज का प्रश्न-209question no-209
प्रश्न-209: किन दो गणितज्ञो के आपसी पत्राचार के परिमाण स्वरूप प्रयाकिता (सम्भाविता) के सिद्धांत का जन्म हुआ? 
उत्तर: पीयरे दे फरमेट तथा ब्लेज पास्कल के आपसी पत्राचार के परिमाण स्वरूप प्रयाकिता (सम्भाविता) के सिद्धांत का जन्म हुआ
उन दिनों फ्रांस में जुआ खेलने का बड़ा शौंक था जुआरी नित नयी समस्या ले कर पास्कल के पास आया करते था। एक बार एक जुआरी समस्या लाया कि हम दो खेल रहे थे दोनों में से जो तीन बाजी जीतता वो सारा पैसा ले जाता। मैंने एक बाज़ी जीती दूसरे ने दो, किसी कारण खेल बंद करना पड़ा, अब हम राशि कैसे बांटे? 
अब पास्कल ने हल सोचना शुरू किया अगर वो एक बाज़ी और खलते तो या तो खेल बराबरी पर छुटता या फिर एक सारी रकम ले जाता
अब पास्कल ने पीयरे दे फरमेट(फर्मा) से सम्भावित हल निकालने के लिए पत्राचार शुरू किया हल अलग अलग थे पर परिणाम एक जैसे थे पीयरे दे फरमेट तथा ब्लेज पास्कल के आपसी पत्राचार से प्रयाकिता (सम्भाविता) के सिद्धांत का जन्म हुआ 
आज गणित और भौतिकी की कईं शाखाओं में प्रायिकता का बहुत उपयोग होता है और गणित का तो महत्वपूर्ण अंग है प्रायिकता 
आशीष श्रीवास्तव जी ,   ePandit जी  का और फेसबुक मित्रों का बहुत बहुत धन्यवाद 
सभी टिप्पणी कर्ताओं का जी धन्यवाद
प्रस्तुति: सी.वी.रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर हरियाणा        

2 टिप्‍पणियां:

आशीष श्रीवास्तव ने कहा…

पीयरे दे फरमेट तथा आपके पिछले कुछ दिनों के फेवरेट ब्लेज पास्कल

ePandit ने कहा…

हाँ जी दसवीं की गणित की किताब में संक्षेप में यह बताया गया है।