मंगलवार, 22 मई 2012

आज का प्रश्न-299 question no-299

आज का प्रश्न-299 question no-299
प्रश्न-299 : यह किस महान वैज्ञानिक/विचारक/खगोलोशास्त्री का स्केच है?
उत्तर : यह महान वैज्ञानिक/विचारक/खगोलोशास्त्री जेम्स क्लर्क माक्सवेल का स्केच है जेम्स क्लार्क मैक्सवेल स्कॉटलैण्ड  के एक विख्यात गणितज्ञ एवं भौतिक वैज्ञानिक थे। इन्होने ही भौतिक बलो का सबसे पहला एकीकरण का कार्य किया था। इन्होने ही प्रमाणित किया था कि विद्युत और चुंबकीय बल अलग अलग नही एक ही हैं। चुंबकीय फ्लक्स की CGS इकाई इन्ही के सम्मान मे रखी गयी है। शुक्र ग्रह के एक पर्वत का नाम इनके सम्मान मे है। आइंस्टाईन ने इनके समीकरणो को अपने सिद्धांतो मे विस्तार दिया था। निकोला टेस्ला और थामस एडीसन के अनेक यंत्र इन्ही के सिद्धांतो के आधार पर विकसित हुये थे। आधुनिक जीवन की एक बड़ी धुरी है ये।
इन्होंने 1865 ई. में विद्युत चुम्बकीय सिद्धान्त का प्रतिपादन किया जिससे रेडियो और टेलीविजन का आविष्कार सम्भव हो सका। क्लासिकल विद्युत चुंबकीय सिद्धांत, चुंबकत्व और प्रकाशिकी के क्षेत्र में दिए गए सिद्धांतों के लिए उन्हें प्रमुखता से याद किया जाता है। मैक्सवेल ने क्रांतिकारी विचार रखा कि प्रकाश विद्युत चुंबकीय तरंग है और यह माध्यम से स्वतंत्र है। स्कॉटिश भौतिकविद जेम्स क्लार्क मैक्सवेल ने इस सिद्धांत से क्रांति ला दी। न्यूटन के बाद विद्युतचुंबकत्व के क्षेत्र में मैक्सवेल द्वारा किए गए कार्य को भौतिकी के क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा एकीकरण कार्य माना जाता है। यह कई क्षेत्रों से जुड़ा है।  सन् 1859 में आपने शनि के वलय के स्थायित्व पर एक गवेषणपूर्ण निबंध प्रस्तुत किया। गैस के गतिज सिद्धान्त पर महत्वपूर्ण शोधकार्य करके, गैस के अणुओं के वेग के विस्तरण के लिये आपने सूत्र प्राप्त किया, जो "मैक्सवेल के नियम" के नाम से जाना जाता है। मैक्सवेल ने विशेष महत्व के अनुसंधान विद्युत् के क्षेत्र में किए। गणित के समीकरणों द्वारा आपने दिखाया कि सभी विद्युत् और चुंबकीय क्रियाएँ भौतिक माध्यम के प्रतिबल तथा उसकी गति द्वारा प्राप्त की जा सकती हैं। इन्होंने यह भी बतलाया कि विद्युत चुंबकीय तरंगें तथा प्रकाशतरंगें एक से ही माध्यम में बनती हैं, अत: इनका वेग ही उस निष्पत्ति के बराबर होना चाहिए जो विद्युत् परिमाण की विद्युतचुंबकीय इकाई तथा उसकी स्थित विद्युत् इकाई के बीच वर्तमान है। निस्संदेह प्रयोग की कसौटी पर मैक्सवेल क यह निष्कर्ष पूर्णतया खरा उतरा।
मैक्सवेल ने सबसे पहले प्रयोग के माध्यम से बताया कि विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र अंतरिक्ष में तरंगों के रूप में प्रकाश की गति से चलते हैं। वर्ष 1864 में मैक्सवेल ने विद्युत चुंबकत्व की गति का सिद्धांत दिया और पहली बार बताया कि प्रकाश वास्तव में उसी माध्यम में तरंग है जिससे विद्युत और चुंबकीय तरंग पैदा होती है।
उन्होंने विद्युत चुंबकत्व के क्षेत्र में एकीकृत मॉडल दिया, जिसे भौतिकी में एक बड़ा योगदान माना जाता है। मैक्सवेल ने मैक्सवेल वितरण का विकास किया जिसे गैसों की गतिज उर्जा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू माना जाता है ।
आशीष श्रीवास्तव जी फेसबुक मित्रों का बहुत बहुत धन्यवाद
सभी टिप्पणी कर्ताओं का जी धन्यवाद
प्रस्तुति: सी.वी.रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर

1 टिप्पणी:

आशीष श्रीवास्तव ने कहा…

इन्होने ही भौतिक बलो का सबसे पहला एकीकरण का कार्य किया था। इन्होने ही प्रमाणित किया था कि विद्युत और चुंबकीय बल अलग अलग नही एक ही हैं।

चुंबकीय फ्लक्स की CGS इकाई इन्ही के सम्मान मे रखी गयी है। शुक्र ग्रह के एक पर्वत का नाम इनके सम्मान मे है।

आइंस्टाईन ने इनके समीकरणो को अपने सिद्धांतो मे विस्तार दिया था। निकोला टेस्ला और थामस एडीसन के अनेक यंत्र इन्ही के सिद्धांतो के आधार पर विकसित हुये थे। आधुनिक जीवन की एक बड़ी धुरी है ये।